क्या जटामांसी नींद और अनिद्रा में मदद करती है?

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जी हाँ, आयुर्वेद में जटामांसी (Nardostchys jatamansi) को अनिद्रा (Insomnia) और मानसिक शांति के लिए एक रामबाण औषधि माना गया है। इसे “तपस्विनी” भी कहा जाता है क्योंकि यह मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।

जटामांसी: नींद और अनिद्रा के लिए एक प्राकृतिक उपचार

जटामांसी की जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। यह मुख्य रूप से हमारे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर काम करती है।

यह नींद में कैसे मदद करती है?

  • तनाव कम करना (Stress Relief): इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करते हैं।
  • मस्तिष्क को शांति: यह ‘गाबा’ (GABA) नामक न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को संतुलित करती है, जो दिमाग को शांत करने और नींद को प्रेरित करने के लिए जिम्मेदार है।
  • त्रिदोष संतुलन: आयुर्वेद के अनुसार, यह ‘वात’ और ‘पित्त’ दोष को शांत करती है, जिनकी अधिकता के कारण नींद में बाधा आती है।

 

क्या जटामांसी का सेवन सुरक्षित है?

हाँ, यदि इसे सीमित और सही मात्रा में लिया जाए तो यह सुरक्षित है। हालांकि, इसकी प्रकृति ठंडी होती है, इसलिए बहुत अधिक मात्रा में लेने से पेट संबंधी हल्की समस्या हो सकती है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।

 

अनिद्रा के लिए जटामांसी का इस्तेमाल कैसे करें?

इसके इस्तेमाल के तीन मुख्य तरीके हैं:

  1. चूर्ण: आधा चम्मच जटामांसी चूर्ण को रात को सोने से पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ लें।
  2. तेल: जटामांसी के तेल से सिर की मालिश करने से गहरी नींद आती है।
  3. काढ़ा: इसकी जड़ों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर भी लिया जा सकता है।

 

क्या इसकी आदत (Addiction) पड़ सकती है?

नहीं, एलोपैथिक नींद की गोलियों के विपरीत, जटामांसी की आदत नहीं पड़ती। यह शरीर की प्राकृतिक लय (Circadian Rhythm) को सुधारती है न कि उसे दवाओं पर निर्भर बनाती है।

इसके परिणाम दिखने में कितना समय लगता है?

यह एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है, इसलिए इसका असर तुरंत (पहली रात से) नहीं दिखता। बेहतर और स्थायी परिणामों के लिए आमतौर पर इसे 2 से 4 सप्ताह तक नियमित रूप से लेने की सलाह दी जाती है।

क्या इसे अन्य दवाओं के साथ लिया जा सकता है?

यदि आप पहले से ही डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर या नींद की कोई दवा ले रहे हैं, तो जटामांसी शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि यह उन दवाओं के असर को बढ़ा सकती है।

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